Atal Bihari Vajpayee : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 99वीं जयंती के दिन को देश सुशासन दिवस के रूप में मना रहा है। राजनेता और कवि और एक पत्रकार के रूप अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी एक अमिट छाप देशवासियों पर छोड़ी है। आइए पूर्व पीएम की उन प्रेरणादायक बातों को याद करें जो आज भी दुनिया के लिए प्रासंगिक है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक और साहित्यिक पक्ष से दुनिया भली भांति परिचित है। सोशल मीडिया पर आज भी अटल बिहारी वाजपेयी की बातें हर उम्र के लोगों के दिलों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। चाहें संसद में उनकी राजनीतिक बातें हो या साहित्य के मंच पर उनकी कविताएं अटल बिहारी वाजपेयी की बातों में राष्ट्र प्रेम सर्वोपरि रहा।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी जी की आज 25 दिसंबर 2023 को 99वीं जयंती है, जिसे सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. राजनेता होने के साथ ही अटल जी कवि और पत्रकार भी थे.
देश की राजनीति में अटल जी ने अमिट छाप छोड़ी. लेकिन राजनेता होने के साथ ही पत्रकार और कवि के रूप में भी अटल जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. अटल जी का जीवन संघर्षों से भरा रहा, जिसे उन्होंने अपने कविताओं और विचारों में बहुत ही संजीदगी के साथ उतारा. आज अटल जी की 99 वीं जयंती पर जानते हैं उनके ऐसे विचारों के बारे में जो अटल जी को हमेशा अमर रखेंगी. अटल के ये विचार आपमें सकारात्मक ऊर्जा और आशा का संचार करेंगी.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 99वीं जयंती है। आइए पूर्व प्रधानमंत्री की उन प्रेरक बातों को याद करें जो हमेशा अमर रहेंगे।
Atal Bihari Vajpayee : “मैं अपनी सीमाओं से परिचित हूं।
“मैं 40 साल से इस सदन का सदस्य हूं, सदस्यों ने मेरा व्यवहार देखा, मेरा आचरण देखा, लेकिन पार्टी तोड़कर सत्ता के लिए नया गठबंधन करके अगर सत्ता हाथ में आती है तो मैं ऐसी सत्ता को चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करूंगा।”
“मैं अपनी सीमाओं से परिचित हूं। मुझे अपनी कमियों का अहसास है। निर्णायकों ने अवश्य ही मेरी न्यूनताओं को नजरअंदाज करके मुझे निर्वाचित किया है। सद्भाव में अभाव दिखाई नहीं देता है। यह देश बड़ा है अद्भुत है, बड़ा अनूठा है। किसी भी पत्थर को सिंदूर लगाकर अभिवादन किया जा सकता है।”
Atal Bihari Vajpayee : “आतंकवाद एक नासूर बन गया है। यह मानवता का दुश्मन है।
“मेरा कवि हृदय मुझे राजनीतिक समस्याओं का सामना करने की शक्ति देता है, विशेषकर उन समस्याओं का जिनका मेरी अंतरात्मा पर प्रभाव पड़ता है।” “व्यक्ति को सशक्त बनाने का अर्थ है राष्ट्र को सशक्त बनाना। और सशक्तिकरण का सबसे अच्छा काम तीव्र सामाजिक परिवर्तन के साथ तीव्र आर्थिक विकास है।”
“हमारा लक्ष्य अनंत आकाश जितना ऊंचा हो सकता है, लेकिन हमारे मन में एक-दूसरे का हाथ थाम कर आगे बढ़ने का संकल्प होना चाहिए, क्योंकि जीत हमारी होगी।” जीत और हार जीवन का हिस्सा है, जिसे समभाव से देखना चाहिए।”
“हिंसा किसी भी चीज में योगदान नहीं देती है।”
“जो राजनीति में रुचि लेता है, वह साहित्य के लिए समय नहीं निकाल पाता और साहित्यकार राजनीति के लिए समय नहीं दे पाता, लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं, जो दोनों के लिए समय देते हैं। वे अभिनंदनीय हैं।”

“मेरे पास न तो दादा की दौलत है और न ही पिता की संपत्ति, मेरे पास सिर्फ मेरी मां का आशीर्वाद है, जो इन सबसे बहुत बड़ा है।”
“निरक्षरता और निर्धनता का बड़ा गहरा संबंध है।”
आप मित्र बदल सकते हैं मगर पड़ोसी नहीं।”
“कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैला हुआ यह भारत एक राष्ट्र है, अनेक राष्ट्रीयताओं का समूह नहीं।”
“सूर्य एक सत्य है, जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। लेकिन ओस की बूंद भी तो एक सच्चाई है। यह बात अलग है कि यह क्षणिक है।”
“इंसान बनो, केवल नाम से नहीं, रूप से नहीं, शक्ल से नहीं बल्कि हृदय से, बुद्धि से, ज्ञान से बनो।”