SANSAD : मिमिक्री विवाद पर 1 बार बोले राहुल गांधी

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    SANSAD : मिमिक्री विवाद पर 1 बार बोले राहुल गांधी
    SANSAD : मिमिक्री विवाद पर 1 बार बोले राहुल गांधी

    SANSAD : मिमिक्री विवाद पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सांसद वहां बैठे थे, मैंने उनका वीडियो शूट किया। मेरा वीडियो मेरे फोन पर है। मीडिया इसे दिखा रहा है। किसी ने कुछ नहीं कहा। हमारे 150 सांसदों को (सदन से) SANSAD बाहर निकाल दिया गया है, लेकिन मीडिया में उस पर कोई चर्चा नहीं है। अदाणी पर कोई चर्चा नहीं, राफेल पर कोई चर्चा नहीं, बेरोजगारी पर कोई चर्चा नहीं। SANSAD हमारे सांसद निराश होकर बाहर बैठे हैं, लेकिन आप उस (मिमिक्री) पर चर्चा कर रहे हैं।

    दरअसल, सांसदों SANSAD  के निलंबन के खिलाफ मंगलवार को संसद की सीढ़ियों पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस नेता कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ की नकल उतारी थी। इस दौरान राहुल को वीडियो रिकॉर्ड करते दिखाया गया था। इसके बाद मामले ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया था। भाजपा ने मामले की कड़ी निंदा की है।

    SANSAD : अपमान किसने और कैसे किया?

    जब उनसे वीडियो बनाने और उपराष्ट्रपति के अपमान के बारे में पूछा गया? तो उन्होंने कहा कि अपमान किसने और कैसे किया? सांसद वहां बैठे थे, मैंने उनका वीडियो लिया, जो मेरे फोन में है। मीडिया इसे दिखा रहा है। नई-नई बातें की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टिप्पणी कर रहे हैं, तब तो किसी ने कुछ नहीं कहा।

    संसद की सुरक्षा में चूक के बाद से ही सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं। लगातार विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार पर हमला किया जा रहा है। संसद की ‘कार्यवाही में व्यवधान’ डालने के आरोप में कई विपक्षी सांसदों को संसद के दोनों सदनों में चल रही शीतकालीन सत्र की शेष कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया है। इसी बीच, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा सभापति की नकल उतारने का मामला भी तूल पकड़ता जा रहा है।

    SANSAD: मल्लिकार्जुन खरगे ने निशाना साधा

    इस मुद्दे को धनखड़ की तरफ से किसान और जाट का अपमान कहे जाने के मुद्दे पर अब मल्लिकार्जुन खरगे ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि जाति को हर मुद्दे में नहीं घसीटा जाना चाहिए। उन्होंने साथ ही यह सवाल भी किया कि क्या उन्हें हर बार राज्यसभा में बोलने की अनुमति नहीं मिलने पर यह कहना चाहिए कि दलित होने के कारण ऐसा हुआ है।

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    खरगे ने कहा कि सभापति का काम दूसरे सदस्यों को संरक्षण देना है लेकिन वह खुद इस तरह का बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अक्सर राज्यसभा में बोलने की अनुमति नहीं दी जाती है। क्या मुझे यह कहना चाहिए कि मैं दलित हूं… इसलिए… उन्हें जाति के नाम पर बोल कर लोगों को नहीं भड़काना चाहिए।’’ खरगे ने कहा, “जो घटना सदन के बाहर हुई उसके बारे में सदन में प्रस्ताव पारित करना सही नहीं है…क्या प्रधानमंत्री ने सदन का बहिष्कार किया है जो वे सदन में आकर बयान नहीं दे रहे हैं?…

    सदन के अंदर जाति की बात करके लोगों को भड़काने का काम नहीं करना चाहिए।” खरगे ने सवाल किया कि संसद की सुरक्षा में सेंध के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों सदनों में कुछ भी नहीं कहा लेकिन संसद के बाहर उन्होंने अपनी बात रखी तो क्या प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को माफी नहीं मांगनी चाहिए।

    उधर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह देश के लिए बहुत दुखद दिन है जब संवैधानिक पदों पर बैठे लोग अपनी जातियों के बारे में बात करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह मुद्दा उठाकर संसद की सुरक्षा में सेंध के मुद्दे से अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पूछा कि क्या अब हर किसी को अपनी जाति बताने वाला ठप्पा लगा कर घूमना चाहिए?

    संसद की सुरक्षा में चूक मामले पर विपक्ष आक्रमक हो गया है। 13 दिसंबर की घटना को लेकर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसद अड़े हुए हैं। इसी बीच, सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालने के आरोप में विपक्षी सांसदों को संसद के शेष शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया है। जिसके बाद से ही विपक्षी सांसद आक्रमक हो गए हैं। सत्ता और विपक्ष के बीच तू-तू मैं-मैं के बीच शुक्रवार को शुरू हुई निलंबित करने की कार्रवाई मंगलवार को भी जारी रही।

    अब तक 141 विपक्षी सांसदों को संसद के शेष शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया है। इसी बीच, लोकसभा सचिवालय ने निलंबित सांसदों को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है। संसद परिसर में निलंबित सांसदों के हंगामे के बीच लोकसभा सचिवालय ने एक सर्कुलर जारी किया।