HomeEntertainmentधर्मेंद्र : हिंदी सिनेमा के 'हीमैन' , जन्मदिन की शुभकामनाएं

धर्मेंद्र : हिंदी सिनेमा के ‘हीमैन’ , जन्मदिन की शुभकामनाएं

हिंदी सिनेमा के ‘हीमैन’ कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र आज 88 साल के हो चुके हैं। अभिनेता के जन्मदिन के इस खास मौके पर फैंस के साथ-साथ तमाम बॉलीवुड सितारे उन्हें बधाई दे रहे हैं। वहीं उनके आवास स्थान पर हजारों की संख्या में फैंस की भीड़ जमा है, जो अभिनेता को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने और उनकी एक झलक पाने का इंतजार कर रहे हैं। अभिनेता ने अब घर के बाहर आकर अपने फैंस से मुलाकात की। इस दौरान उनके बेटे सनी देओल भी साथ नजर आए।

88 साल की उम्र 6 दशक का फिल्मी करियर… एक ऐसा सुपर स्टार जो आज भी पर्दे पर आता है, तो उसके सामने बड़े-बड़े स्टार फीके लगते हैं. बॉलीवुड में 60 के दशक में जब फिल्म का हीरो सीधा-सच्चा इंसान बनकर हिरोइन के साथ रोमांस करता था, पेड़ के ईर्द-गिर्द घूमकर गाना गाकर हिराईन को रिझाने की कोशिश करता था, उस दौर में रुपहले पर्दे पर एक ऐसे नायक का उदय हुआ, जो सिल्वर स्क्रीन पर एक्शन से तहलका मचाने लगा. ‘कुत्ते मैं तेरा खून पी जाऊंगा’…और दुश्मन के अड्डे पर जाकर उसे धमकाते हुए कहना- ‘एक-एक को चुन-चुनकर मारूंगा…’ ये सुपरस्टार धर्मेंद्र के वो डायलॉग हैं, जो पिछली कई पीढ़ियों से लोगों के जुबान पर हैं, आज की यंग जनरेशन हो या उनके दादा जी. ये डायलॉग बहुत कम लोग ही होंगे जिनको नहीं पता होगा. फिल्मी पर्दे पर कभी गरम तो कभी नरम धरम को देखकर लोगों का पूरा पैसा वसूल हो जाता था.

धर्मेंद्र के अदाकारी की सबसे बड़ी खूबी थी कि एक तरफ वो खामोश और शर्मीले इंसान शख्स के किरदार में नजर आते हैं, तो वहीं दूसरे पल में वो हीमैन बनकर विलेन को ललकारते हुए लात-घूसे बरसाते. कई फिल्मों में उनका एक्शन देखकर लोग बोलते थे कि ये हीरो बोलता कम मारता ज्यादा है. उनकी फिल्मोंं में इतनी वैरायटी है, जितनी कम ही एक्टर्स में मिलेगी. फिल्म ‘अनुपमा’ का लेखक अशोक हो, बंदिनी का डॉक्टर, ‘सत्यकाम’ का नौजवान सत्यप्रिय या शोले का वीरू उनकी फिल्मों की लिस्ट इतनी लंबी है कि गिनती करते-करते थक जाएंगे, लेकिन वो फिल्में करकर भी नहीं थके.

1966 में रिलीज हुई फिल्म ‘फूल और पत्थर’ में चोर शाका बनकर धर्मेंद्र ने लोगों का दिल ही चुरा लिया. इस फिल्म में धर्मंद्र का एक शर्टलेस सीन इतना पॉपुलर हुआ कि शायद उतने मशहूर तो 90 के दशक के सलमान खान भी अपना शर्ट उतारकर नहीं हुए होंगे, सलमान खान भी धर्मेंद्र को अपना उस्ताद मानते हैं. धर्मेंद्र की तीसरी पीढ़ी भी फिल्मों में काम कर रही है, लेकिन धर्मेंद्र के स्टारडम के आगे सब फीके लगते हैं

दिलीप कुमार जिनको बॉलीवुड का लीजेंड कहा जाता है, जिनकी फिल्में देखकर धर्मेंद्र के अंदर हीरो बनने की हसरत जागी, उनकी फिल्म शहीद देकर धर्मेंद्र ने मुंबई का मंजिल तय किया. वो दिलीप कुमार भी धर्मेंद्र की खूबसूरती के कायल थे. दिलीप कुमार ने सालों पहले कहा था- ‘अगर मुझे खुदा मिलें तो मैं शिकायत करूंगा कि हुजूर मेरा चेहरा धर्मेंद्र जैसा क्यों नहीं बनाया”?

70 के दशक में जब फिल्मी गलियारों में हेमा और धर्मेंद्र के प्यार के चर्चे शुरू हुए तो, खुद हेमा के घरवाले परेशान हो गए. उनके पिता कई रिश्ते लेकर आए, हेमा की कई लड़कों से मुलाकात कराई, वो नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी एक शादीशुदा शख्स से शादी करे. दोनों के बीच एक और फासला था, धर्मेंद्र पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं तो हेमा दक्षिण भारत के अयंगर परिवार से थीं. दोनों के रिति-रिवाज, परंपरा सबकुछ बिल्कुल अलग था, लेकिन दोनों के प्यार के आगे किसी की ना चली. बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल, जिनसे शादी करने के लिए उस जमाने के कई बड़े स्टार सपने बुन रहे थे, उन्होंने पूरे समाज और परिवार को छोड़कर धर्मेंद्र के साथ शादी रचाई.

एक्शन से लेकर रोमांस तक हर किरदार में खुद को ढालने वाले धर्मेंद्र आज भी फिल्मों में एक्टिव हैं. फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से शुरू हुआ फिल्मी सफर 63 सालों से आज भी जारी है. जब भी लोगों को लगता हैं कि धर्मेंद्र रिटायर हो गए हैं. तो वो अपनी फिल्मों के जरिए ऐसा धमाका करते हैं, कि लोगों को यकीन नहीं होता. 75 साल की उम्र में फिल्म यमला पगला दीवाना में धरम सिंह बनकर दर्शकों को खूब हंसाया. तो कुछ महीने पहले रिलीज हुई फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में अपने किरदार से सबको चौंकाया.

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